क्या हुआ: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बिनांस से करीब 6.3 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति चोरी होने के बाद जब निकासी दोबारा शुरू हुई तो यूज़र्स ने एक दिन में करीब 3.64 अरब डॉलर (नेट) निकाल लिए
कब: हैक पिछले हफ्ते; निकासी रविवार, 1 नवंबर 2026 से चरणों में बहाल
कहां: Binance.com (ग्लोबल एक्सचेंज); अमेरिकी प्लेटफॉर्म Binance.US पर असर नहीं
आपके लिए मतलब: बिनांस ने कहा है कि नुकसान वह खुद उठाएगा और करीब 95% चोरी हुई संपत्ति की भरपाई कर चुका है; हैक के बाद ठगों के फर्ज़ी “रिकवरी” मैसेज बढ़ने का खतरा है
क्या करें: क्रिप्टो खाते में 2FA और निकासी व्हाइटलिस्ट चालू रखें; “पैसा वापस दिलाने” वाले कॉल, लिंक या ऐप से बचें; ठगी हो तो 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
क्रिप्टो की दुनिया के अब तक के सबसे बड़े हैक के बाद बिनांस ने जब रविवार को दरवाज़े दोबारा खोले, तो पैसा निकालने वालों की भीड़ लग गई। एक्सचेंज ने खुद X पर बताया कि 1 नवंबर को सुबह 6 बजे से दोपहर 3:30 बजे (GMT) के बीच 4.649 अरब डॉलर की निकासी हुई और 1.01 अरब डॉलर जमा हुए। यानी करीब 3.64 अरब डॉलर का नेट आउटफ्लो।
कितना बड़ा है यह हैक
BBC के मुताबिक इस हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति पर असर पड़ा, जो इतिहास का सबसे बड़ा क्रिप्टो हैक माना जा रहा है। इससे पहले का रिकॉर्ड 2025 में बायबिट एक्सचेंज से हुई करीब 1.5 अरब डॉलर की चोरी का था। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया के हैकर समूह “ट्रेडरट्रेटर” का हाथ बताया है, जिसे लाज़रस ग्रुप भी कहा जाता है। FBI ने शनिवार को इस गिरोह से जुड़े वॉलेट पतों की सूची जारी की और क्रिप्टो कंपनियों से इनके लेनदेन रोकने को कहा।
बिनांस ने पिछले हफ्ते कहा था कि शुरुआती जांच में हमला एक इंजीनियर के हैक हुए लैपटॉप से शुरू हुआ लगता है, जिसके ज़रिए हैकर्स बिना इजाज़त लेनदेन कर पाए।
भगदड़ या भरोसा?
CNBC के मुताबिक नेट निकासी बिनांस की कुल 171 अरब डॉलर की संपत्ति का करीब 2.1% है। एक्सचेंज का कहना है कि शुरुआती उछाल के बाद निकासी घटी है और अब “स्थिर” हो रही है। बिनांस के संस्थापक चांगपेंग झाओ ने X पर लिखा कि 98% यूज़र्स प्लेटफॉर्म पर टिके हुए हैं।
कंपनी ने दोहराया है कि वह चोरी का पूरा नुकसान खुद उठाएगी और ग्राहकों पर नहीं डालेगी। इसके लिए कॉर्पोरेट खज़ाने, फ्यूचर्स इंश्योरेंस और इमरजेंसी रिज़र्व फंड का इस्तेमाल हुआ है। अब तक करीब 95% भरपाई हो चुकी है, जो पिछले अपडेट में 90% थी। बाकी 5% ऐसे टोकन हैं जिन्हें बाज़ार से जुटाने में वक्त लगेगा।
चोरी का पैसा अब भी घूम रहा
स्टेबलकॉइन कंपनी सर्कल ने CNBC को बताया कि उसने इस घटना से जुड़े 1.1 अरब डॉलर से ज़्यादा के USDC फ्रीज़ कर दिए हैं। ब्लॉकचेन जांच कंपनी चेनालिसिस के एलेक ज़ेब्रिक ने BBC से कहा कि चोरी का पैसा अब भी तेज़ी से “धुलाई” के लिए हज़ारों पतों में बांटा जा रहा है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब
भारत में भी बहुत से लोग बिनांस समेत विदेशी एक्सचेंजों पर क्रिप्टो रखते हैं। ऐसे बड़े हैक के बाद ठग अक्सर “फंड रिकवरी एजेंट” बनकर कॉल या मैसेज करते हैं और फीस के नाम पर पैसे ऐंठते हैं। कोई भी एक्सचेंज फोन पर आपका पासवर्ड, OTP या सीड फ्रेज़ नहीं मांगता। सिर्फ ऐप या आधिकारिक वेबसाइट पर आई सूचना पर भरोसा करें।
बिनांस हैक में कितना पैसा चोरी हुआ?
BBC और CNBC के मुताबिक करीब 6.3 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति पर असर पड़ा, जिसे अब तक का सबसे बड़ा क्रिप्टो हैक माना जा रहा है।
बिनांस हैक के पीछे कौन है?
FBI ने इसके पीछे उत्तर कोरिया के हैकर समूह ट्रेडरट्रेटर (लाज़रस ग्रुप) का हाथ बताया है।
क्या यूज़र्स का पैसा सुरक्षित है?
बिनांस का कहना है कि वह पूरा नुकसान खुद उठाएगी और करीब 95% भरपाई कर चुकी है। निकासी 1 नवंबर से चरणों में शुरू हो गई है।

