क्या हुआ: दिल्ली सरकार ने IT नीति 2026-2031 का मसौदा तैयार किया; 200 से ज़्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) लाने, 5-6 लाख युवाओं को ट्रेनिंग और दो टेक डिस्ट्रिक्ट बनाने का लक्ष्य
कब: मसौदे की जानकारी 28 अक्टूबर 2026 को सामने आई; मंज़ूरी के बाद लागू होगा, लक्ष्य 2031 तक
कहां: पूरी दिल्ली; टेक डिस्ट्रिक्ट के लिए दक्षिण दिल्ली, द्वारका और पूर्वी दिल्ली प्राथमिक इलाके
आपके लिए मतलब: पूर्वी दिल्ली में टेक डिस्ट्रिक्ट बना तो यमुनापार के युवाओं को नौकरी के लिए गुरुग्राम-नोएडा जाने की मजबूरी कम हो सकती है
क्या करें: AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी या डेटा एनालिटिक्स सीखने वाले युवा सरकार की स्किल स्कीमों की घोषणा पर नज़र रखें
दिल्ली सरकार राजधानी को टेक कंपनियों का बड़ा ठिकाना बनाने की तैयारी में है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने ‘दिल्ली IT नीति 2026-2031’ का मसौदा तैयार किया है। इसमें विदेशी कंपनियों के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) लाने, युवाओं को नई तकनीक सिखाने और सरकारी कामकाज को पूरी तरह ऑनलाइन करने पर ज़ोर है। फिलहाल यह मसौदा है और ज़रूरी मंज़ूरियों के बाद ही लागू होगा।
मसौदे की बड़ी बातें
- 2031 तक दिल्ली में 200 से ज़्यादा GCC लाने का लक्ष्य।
- 5 से 6 लाख युवाओं को AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स की ट्रेनिंग।
- दो ‘इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी डिस्ट्रिक्ट’; दक्षिण दिल्ली, द्वारका और पूर्वी दिल्ली प्राथमिक इलाके, कम से कम एक पांच साल में।
- 2027 तक दिल्ली स्टेट डेटा सेंटर और चौबीसों घंटे चलने वाला साइबर सिक्योरिटी मॉनिटरिंग सेंटर।
- टेक सेक्टर के कामगारों में 40% महिलाओं का लक्ष्य।
- सरकार की सभी अधिसूचित सेवाएं ‘myDelhi’ पोर्टल पर ऑनलाइन और दफ्तरों में पूरी तरह ई-ऑफिस।
कंपनियों को क्या मिलेगा
मसौदे में कंपनियों के लिए कई रियायतें प्रस्तावित हैं। 30 दिन के अंदर सिंगल-विंडो मंज़ूरी, बिजली बिल में 10% छूट और तीन साल तक हर साल 5 लाख रुपये तक इंटरनेट खर्च की भरपाई। 500 से ज़्यादा नौकरियां देने वाले GCC को तीन साल तक हर कर्मचारी पर सालाना 25,000 रुपये मिल सकते हैं। महिला, SC/ST या दिव्यांग कर्मचारी रखने पर पांच साल तक हर महीने 5,000 रुपये प्रति कर्मचारी का प्रोत्साहन भी प्रस्तावित है।
इसके लिए चार फंड बनाने की बात है। GCC सुविधा, नई तकनीक और स्किल के लिए 5-5 करोड़ रुपये सालाना और गवर्नमेंट टेक के लिए 10 करोड़ रुपये। हालांकि ये रकम बजट की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। सरकार ट्रैफिक, प्रदूषण, स्वास्थ्य से जुड़े अनुमान और धोखाधड़ी पकड़ने में AI के इस्तेमाल की भी योजना बना रही है।
पूर्वी दिल्ली के लिए मौका
यमुनापार से रोज़ हज़ारों युवा मेट्रो पकड़कर नोएडा, गुरुग्राम और कनॉट प्लेस के दफ्तरों में जाते हैं। अगर टेक डिस्ट्रिक्ट पूर्वी दिल्ली में बनता है तो घर के पास नौकरी और ट्रेनिंग दोनों मिल सकती हैं। लेकिन मसौदे में अभी यह तय नहीं है कि दोनों डिस्ट्रिक्ट किन जगहों पर बनेंगे, और ज़मीन, सड़क व मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियां भी बाकी हैं। असली तस्वीर नीति को अंतिम मंज़ूरी मिलने के बाद ही साफ होगी।
दिल्ली IT नीति 2026-2031 कब लागू होगी?
अभी यह मसौदा है; ज़रूरी मंज़ूरियों के बाद ही लागू होगी।
दिल्ली में टेक डिस्ट्रिक्ट कहां बनेंगे?
मसौदे में दक्षिण दिल्ली, द्वारका और पूर्वी दिल्ली को प्राथमिक इलाके बताया गया है; जगह अभी तय नहीं।
कितने युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है?
2031 तक 5 से 6 लाख युवाओं को AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और डेटा एनालिटिक्स में।
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