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  • मिर्गी का नाटक, वार्डर पर हमला और 17 कैदी फरार: थेनी सब-जेल से भागे 13 की तलाश में तमिलनाडु में नाकेबंदी

    मिर्गी का नाटक, वार्डर पर हमला और 17 कैदी फरार: थेनी सब-जेल से भागे 13 की तलाश में तमिलनाडु में नाकेबंदी

    क्या हुआ: तमिलनाडु के थेनी ज़िले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से 17 विचाराधीन कैदी वार्डर पर हमला कर फरार हो गए; चार पकड़े गए, 13 की तलाश जारी
    कब: सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10:30 से 11 बजे
    कहां: थेक्कमपट्टी सब-जेल, अंडीपट्टी के पास, थेनी (तमिलनाडु)
    आपके लिए मतलब: जेलों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल; केरल सीमा तक नाकेबंदी है
    क्या करें: फरार कैदियों के बारे में कोई जानकारी हो तो पुलिस को 9498101570 या 9176104100 पर बताएं; खुद पीछा न करें

    एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक, वार्डर का सेल खोलना और फिर उस पर हमला करके 17 लोगों का एक साथ भाग निकलना। तमिलनाडु के थेनी ज़िले की थेक्कमपट्टी सब-जेल में सोमवार रात यही हुआ। पुलिस अब तक चार कैदियों को पकड़ चुकी है, जबकि 13 की तलाश में पूरे राज्य में नाकेबंदी है।

    कैसे हुई फरारी

    शुरुआती जांच के मुताबिक सभी 17 कैदी एक ही सेल में बंद थे। रात करीब 10:30 बजे कुछ कैदियों ने ड्यूटी पर तैनात वार्डर को बुलाया और कहा कि एक साथी को मिर्गी का दौरा पड़ा है। मदद के लिए स्टाफ ने सेल खोला और अंदर गया। तभी बाकी कैदियों ने उन पर हमला कर दिया और करीब 11 बजे सब बाहर निकल गए।

    ये सभी रिमांड यानी विचाराधीन कैदी थे। विशेष टीम के एक अधिकारी ने ‘द हिंदू’ को बताया कि इनमें से कई मदुरै, रामनाथपुरम, सलेम और विल्लुपुरम ज़िलों के रहने वाले हैं और अलग-अलग आपराधिक मामलों में बंद थे।

    IG ने संभाली कमान, 17 टीमें बनीं

    दक्षिण ज़ोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) विजयेंद्र बिदारी रात में ही मौके पर पहुंचे और थेनी के एसपी प्रवीण गौतम के साथ जांच की। IGP ने कहा, “फरार हुए लोगों में से प्रवीण कुमार को कुछ ही घंटों में पकड़ लिया गया और तीन और लोगों को टीमों ने दबोच लिया, यानी कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं। 17 विशेष टीमें बनाई गई हैं और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहा है।”

    थेनी ज़िला केरल की सीमा से सटा है और इसके बड़े हिस्से में पहाड़ और जंगल हैं। इसी वजह से चेकपोस्ट के साथ-साथ जंगल वाले रास्तों पर भी तलाशी चल रही है।

    सुरक्षा पर उठे सवाल

    एक साथ 17 कैदियों को एक ही सेल में रखना और रात में सेल खोलते समय पर्याप्त स्टाफ का न होना, ये दोनों बातें अब जांच के दायरे में हैं। छोटी सब-जेलों में अक्सर स्टाफ कम होता है और कई जगह क्षमता से ज़्यादा कैदी रहते हैं। विभागीय जांच में लापरवाही तय होती है तो ज़िम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

    पुलिस ने फरार कैदियों के नाम भी जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी संदिग्ध के बारे में जानकारी हो तो तुरंत हेल्पलाइन पर बताएं।

    थेनी जेल से कितने कैदी भागे?

    17 विचाराधीन कैदी; 27 अक्टूबर की सुबह तक चार पकड़े जा चुके थे और 13 फरार थे।

    कैदी कैसे भागे?

    एक साथी को मिर्गी का दौरा पड़ने का बहाना बनाकर वार्डर से सेल खुलवाया और फिर उस पर हमला कर भाग निकले।

    जानकारी देने के लिए नंबर क्या है?

    पुलिस ने 9498101570 और 9176104100 नंबर जारी किए हैं।

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