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  • झुंझुनूं हादसा: सड़क बनाते वक्त मशीन 11 हज़ार वोल्ट लाइन से छुई, करंट से 8 मज़दूरों की मौत; PM ने 2-2 लाख मदद का ऐलान

    झुंझुनूं हादसा: सड़क बनाते वक्त मशीन 11 हज़ार वोल्ट लाइन से छुई, करंट से 8 मज़दूरों की मौत; PM ने 2-2 लाख मदद का ऐलान

    क्या हुआ: झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन ऊपर से गुज़र रही 11 हज़ार वोल्ट की बिजली लाइन से छू गई; करंट से 8 मज़दूरों की मौत हो गई और कई घायल हुए
    कब: सोमवार, 2 नवंबर 2026
    कहां: छापोली गांव, थाना उदयपुरवाटी, ज़िला झुंझुनूं (राजस्थान); छापोली से कदमकुंड जाने वाला रास्ता
    आपके लिए मतलब: मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं; प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये मिलेंगे
    क्या करें: घर, खेत या गली में कोई भी निर्माण हो तो ऊपर से गुज़रती बिजली लाइन देखें; क्रेन, मिक्सर या लोहे की सीढ़ी लाइन के पास न ले जाएं; पहले बिजली विभाग से लाइन बंद या ऊंची करवाएं

    राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले में सोमवार को गांव की एक छोटी सड़क बनाते वक्त ऐसा हादसा हुआ जिसने आठ परिवार उजाड़ दिए। उदयपुरवाटी थाना इलाके के छापोली गांव में कंक्रीट तैयार करने वाली मशीन ऊपर से गुज़र रही हाईटेंशन लाइन से छू गई। पूरी मशीन में करंट दौड़ गया और उसके पास काम कर रहे मज़दूर संभल भी नहीं पाए।

    जनसहयोग से बन रही थी सड़क

    झुंझुनूं के ज़िला कलेक्टर अरुण गर्ग के हवाले से हरिभूमि ने बताया कि गांव के लोग आपस में पैसा जुटाकर छापोली से कदमकुंड की ओर जाने वाला रास्ता बनवा रहे थे। मौके पर रोड़ी और सीमेंट मिलाने के लिए मशीन लगाई गई थी। काम के दौरान मशीन का ऊपरी हिस्सा 11 हज़ार वोल्ट की लाइन से टकरा गया।

    उदयपुरवाटी के SHO रामपाल ने बताया कि मरने वाले सभी आठ मज़दूर स्थानीय थे। हरिभूमि के मुताबिक पांच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन ने अस्पताल में इलाज के दौरान। गांव वालों ने किसी तरह बिजली कटवाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। PTI के हवाले से द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने पांच मज़दूरों के घायल होने की बात कही है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।

    सरकार ने क्या कहा

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने X पर दुख जताया और लिखा कि अधिकारियों को घायलों के इलाज, परिवारों की तुरंत मदद और घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और मंत्री झाबर सिंह खर्रा को मौके पर भेजा।

    ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह निर्माण निजी स्तर पर, छोटे पैमाने पर जनसहयोग से हो रहा था। तकनीकी अधिकारियों को मौके की जांच के लिए कहा गया है। उनके शब्दों में, “अगर कोई विभागीय या तकनीकी चूक मिली तो कार्रवाई होगी।”

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने हादसे पर शोक जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और हर घायल को 50 हज़ार रुपये देने का ऐलान किया।

    विपक्ष ने तय की ज़िम्मेदारी की मांग

    पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जांच होनी चाहिए कि हादसा कैसे हुआ और मौतों का ज़िम्मेदार कौन है। उन्होंने परिवारों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने मुआवज़े के साथ मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।

    सबक: लाइन के नीचे काम से पहले सावधानी

    गांवों और शहरों की तंग गलियों में बिजली की लाइनें अक्सर नीची होती हैं। मिक्सर, क्रेन, ट्रॉली पर लदी लोहे की छड़ें या एल्यूमीनियम की सीढ़ी लाइन के पास पहुंचते ही करंट का रास्ता बन जाती हैं। हाईटेंशन लाइन को छूना भी ज़रूरी नहीं, बहुत पास जाने पर भी करंट उतर सकता है। ऐसे काम से पहले बिजली कंपनी को लिखित सूचना दें और लाइन बंद होने के बाद ही मशीन चलाएं।

    झुंझुनूं हादसा कहां और कैसे हुआ?

    2 नवंबर 2026 को झुंझुनूं के उदयपुरवाटी थाना क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हज़ार वोल्ट की लाइन से छू गई, जिससे करंट फैल गया।

    हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

    पुलिस के मुताबिक 8 मज़दूरों की मौत हुई। पांच की मौके पर और तीन की अस्पताल में जान गई। कई मज़दूर घायल हैं।

    मृतकों के परिवारों को कितनी मदद मिलेगी?

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और हर घायल को 50 हज़ार रुपये देने की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।

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