क्या हुआ: कैबिनेट ने अग्निपथ में बदलाव मंजरू: 4 साल बाद मेरिट पर 25% नियमित; बाकी 75% को 2 साल और सेवा का विकल्प, फिर नियमित सैनिक बनने का रास्ता
कब: कैबिनेट मंजूरी; रिपोर्टिंग 5 नवंबर 2026 के आसपास
कहां: भारतीय सशस्त्र बल भर्ती—पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत प्रमुख भर्ती राज्य
आपके लिए मतलब: अग्निवीरों के लिए स्थायी सेवा का व्यापक रास्ता; प्रशिक्षण व्यय की चिंता का जवाब
क्या करें: आधिकारिक PIB/रक्षा मंत्रालय नोटिस से ही डिटेल लें; अफवाहों पर भरोसा न करें
अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव आया है। Economic Times और आकाशवाणी समाचार के अनुसार कैबिनेट ने वह ढांचा मंजूर किया है जिसमें चार साल की शुरुआती सेवा के बाद सिर्फ 25% अग्निवीर मेरिट पर नियमित सेवा में जाते रहे—जैसा मूल योजना में था—लेकिन बाकी 75% को अब अतिरिक्त दो साल की सेवा का विकल्प दिया जाएगा। विस्तारित अवधि के अंत पर वे निर्धारित चयन मानकों पर खरे उतरकर नियमित सैनिक के रूप में जारी रह सकते हैं। यानी पहले वाला “75% चार साल बाद बाहर” वाला सख्त प्रावधान पलट दिया गया है।
क्यों बदला
ET रिपोर्ट कहती है कि कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने चार साल में प्रशिक्षण पर लगे समय-संसाधन के व्यर्थ जाने की चिंता जताई थी। सरकार का नया पथ सभी अग्निवीरों को स्थायी सेवा की संभावना देता है—पहले चरण में 25% मेरिट से नियमित, शेष के लिए विस्तार और फिर चयन। पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े भर्ती राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले यह फैसला राजनीतिक-सामाजिक संदेश भी रखता है, जैसा ET विश्लेषण में लिखा गया।
क्या समझें साफ-साफ
यह भर्ती नीति का अपडेट है—वेतन, सेवानिवृत्ति लाभ और सटीक चयन प्रक्रिया के आंकड़े आधिकारिक अधिसूचना/PIB से ही लें। SunoHub की यह रिपोर्ट स्थापित आउटलेट्स के सार पर आधारित है। इच्छुक युवा और परिवार आधिकारिक स्रोत से ही अपडेट ट्रैक करें।
कैबिनेट ने क्या बदला?
75% अग्निवीरों को 4 साल बाद बाहर करने के बजाय 2 साल और सेवा का विकल्प; फिर नियमित बनने का रास्ता।
25% वाला हिस्सा क्या रहा?
चार साल बाद मेरिट पर 25% नियमित चयन मूल योजना जैसा जारी।
कुल सेवा कितनी हो सकती है विस्तार में?
शुरुआती 4 + विस्तार 2 = करीब 6 साल तक, फिर चयन पर नियमित।
सोर्स क्या हैं?
Economic Times, आकाशवाणी और PIB से जुड़ी रिपोर्टिंग।
यह भी पढ़ें
स्रोत
By SunoHub News

