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क्या WhatsApp भारत छोड़ने वाला है? वायरल दावे का सच, यह बयान 2024 का है

सुनोहब डेस्क

हाथ में स्मार्टफोन, स्क्रीन पर धुंधले हरे चैट बबल (AI से बनी प्रतीकात्मक तस्वीर)

दावा: Meta भारत छोड़ देगा और WhatsApp, फेसबुक, इंस्टाग्राम बंद हो जाएंगे
सच: यह दावा भ्रामक है; Meta या WhatsApp की ओर से ऐसी कोई नई घोषणा नहीं हुई है
बयान कब का: अप्रैल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई में WhatsApp के वकील की दलील
आपके लिए मतलब: WhatsApp पहले की तरह चल रहा है; घबराकर ऐप डिलीट करने या डेटा ट्रांसफर की ज़रूरत नहीं
क्या करें: ऐसे दावे आगे भेजने से पहले तारीख और आधिकारिक स्रोत ज़रूर देखें

पिछले दो दिनों से X और WhatsApp ग्रुप्स पर एक तस्वीर तेज़ी से घूम रही है, जिस पर लिखा है कि “अगर एन्क्रिप्शन तोड़ने को मजबूर किया गया तो हम भारत छोड़ देंगे”। कई पोस्ट में इसे ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे Meta ने अभी-अभी भारत से बाहर जाने का फैसला कर लिया हो। कुछ वेबसाइटों ने भी पुरानी बात को नई तारीख के साथ छाप दिया।

वनइंडिया की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक यह चर्चा 23 अक्टूबर को फिल्म समीक्षक कहलाने वाले कमाल आर खान (KRK) की एक पोस्ट के बाद तेज़ हुई, जिसमें दावा था कि सरकार ने WhatsApp के सुरक्षा नियम बदलवाए तो Meta भारत छोड़ देगा। लेकिन यह किसी नए बयान पर आधारित नहीं है।

असल बयान कब और कहां दिया गया था

द हिंदू और टाइम्स ऑफ इंडिया की 2024 की रिपोर्टों के अनुसार अप्रैल 2024 में WhatsApp के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि अगर कंपनी को IT नियम 2021 का पालन करते हुए एन्क्रिप्शन तोड़ना पड़ा, तो उसे भारत में काम बंद करना पड़ेगा। वकील की दलील थी कि लोग WhatsApp इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उनकी बातचीत एन्क्रिप्टेड रहती है।

यह दलील एक कानूनी लड़ाई का हिस्सा थी, न कि कंपनी का कोई कारोबारी फैसला। उस सुनवाई में हाईकोर्ट ने भी टिप्पणी की थी कि निजता का अधिकार पूर्ण नहीं है और इसमें संतुलन देखना होगा।

झगड़ा किस नियम पर है

विवाद IT नियम 2021 के नियम 4(2) पर है। इसके तहत 50 लाख से ज़्यादा यूज़र वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को अदालत या सक्षम अधिकारी के आदेश पर किसी मैसेज के “पहले भेजने वाले” की पहचान बतानी होती है। इसे ट्रेसेबिलिटी कहते हैं। WhatsApp का कहना है कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन में कंपनी खुद मैसेज नहीं पढ़ सकती, इसलिए ऐसा करने के लिए उसे हर मैसेज का रिकॉर्ड रखना होगा या एन्क्रिप्शन कमज़ोर करना होगा। सरकार इस नियम को राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध रोकने के लिए ज़रूरी बताती है।

वायरल दावे के साथ न तो Meta का कोई नया बयान है, न किसी नए अदालती आदेश का हवाला। यानी पुरानी कानूनी दलील को संदर्भ से काटकर आज की खबर बताकर फैलाया जा रहा है।

फेसबुक और इंस्टाग्राम का ज़िक्र क्यों गलत

2024 की दलील सिर्फ WhatsApp और उसके एन्क्रिप्शन को लेकर थी। वायरल पोस्ट में फेसबुक और इंस्टाग्राम को भी जोड़ दिया गया है, जिससे लगता है कि Meta की सारी सेवाएं बंद होने वाली हैं। ऐसा कोई आधार सामने नहीं है।

WhatsApp से जुड़ा एक असली बदलाव ज़रूर आने वाला है: जनवरी 2027 से सिम बाइंडिंग का नियम, जिसमें अकाउंट को फोन में मौजूद एक्टिव सिम से जोड़ा जाएगा। टेक की और खबरें: ओप्पो फाइंड X10 की भारत में कीमत।

क्या WhatsApp भारत में बंद होने वाला है?

नहीं। Meta या WhatsApp ने ऐसी कोई नई घोषणा नहीं की है। वायरल दावा अप्रैल 2024 की अदालती दलील पर आधारित है।

WhatsApp ने भारत छोड़ने की बात कब कही थी?

अप्रैल 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट में, IT नियम 2021 के ट्रेसेबिलिटी नियम को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान।

ट्रेसेबिलिटी नियम क्या है?

IT नियम 2021 का नियम 4(2), जिसके तहत बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आदेश मिलने पर किसी मैसेज के पहले भेजने वाले की पहचान बतानी होती है।

स्रोत

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