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मुस्तफाबाद में वोटर नाम कटवाने के 36 फॉर्म-7 फर्जी निकले, ERO ने FIR के लिए पुलिस को दी शिकायत

सुनोहब डेस्क

पोलिंग बूथ पर कतार में खड़े मतदाता, प्रतीकात्मक (प्रतीकात्मक · Election Commission of India / Wikimedia Commons, GODL-India)

क्या हुआ: मुस्तफाबाद विधानसभा के एक पोलिंग पार्ट में वोटर नाम कटवाने के 37 फॉर्म-7 में से 36 जांच में झूठे/फर्जी पाए गए; ERO ने FIR के लिए पुलिस को शिकायत दी
कब: शिकायत 7 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार; फॉर्म अक्टूबर के आखिर में भरे गए
कहां: मुस्तफाबाद, उत्तर-पूर्वी दिल्ली (पोलिंग पार्ट 129)
आपके लिए मतलब: जिन मतदाताओं को “मृत” या “शिफ्ट” बताया गया, वे अपने पते पर मिले; गलत फॉर्म से किसी का नाम चुपचाप कट सकता है
क्या करें: वोटर लिस्ट में अपना और परिवार का नाम अभी जांचें; नाम पर आपत्ति का नोटिस मिले तो BLO/ERO से संपर्क करें

उत्तर-पूर्वी दिल्ली की मुस्तफाबाद सीट पर वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए भरे गए फॉर्म-7 का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। The Hindu, The New Indian Express और Scroll की रिपोर्ट के मुताबिक मुस्तफाबाद के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) ने एक बूथ लेवल एजेंट (BLA) के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत FIR दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत दी है। यह धारा झूठी घोषणा देने से जुड़ी है।

जांच में क्या मिला

उत्तर-पूर्वी जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) अजय कुमार ने The Hindu को बताया कि सभी 37 फॉर्म की BLO और AERO ने जांच की। इनमें से 36 झूठे या मनगढ़ंत पाए गए। जिन तीन मतदाताओं को मृत बताया गया था, वे अपने पते पर जिंदा मिले। बाकी जिन लोगों को “गैरहाजिर” या “स्थायी रूप से शिफ्ट” बताया गया था, वे भी अपने घरों पर रहते पाए गए। DEO कार्यालय की प्रेस रिलीज में भी शिकायत की पुष्टि की गई।

मामला पोलिंग पार्ट 129 का है। The Hindu ने 30 अक्टूबर को इस पर रिपोर्ट की थी। जिस BLA के नाम से फॉर्म भरे गए, उसने रिपोर्ट के मुताबिक इन्हें भरने से इनकार किया है। यानी फॉर्म असल में किसने भरे, यह पुलिस जांच से ही साफ होगा। आरोप अभी कथित हैं।

फॉर्म-7 क्या है और आपके लिए क्यों जरूरी

फॉर्म-7 चुनाव आयोग का वह फॉर्म है जिससे किसी नाम पर आपत्ति जताकर उसे वोटर लिस्ट से हटाने की मांग की जाती है, जैसे मौत, स्थायी शिफ्टिंग या दोहरी एंट्री। दिल्ली में इन दिनों वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का काम चल रहा है, इसलिए ऐसे आवेदन बढ़े हैं। मुस्तफाबाद, करावल नगर और आसपास की घनी बस्तियों में कई परिवार किराये पर रहते हैं और दिन में घर पर नहीं मिलते, ऐसे में गलत आपत्ति का खतरा ज्यादा है। CEO दिल्ली की वेबसाइट या voters.eci.gov.in पर EPIC नंबर डालकर अपना नाम देख लें। नोटिस आए तो तय तारीख पर पहचान और पते के कागज लेकर BLO या ERO के पास जाएं।

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स्रोत

By SunoHub News

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