गौर चौक 700 मीटर अंडरपास ट्रायल पर खुला: 5 घंटे में 14,000 वाहन; ऊबड़-खाबड़ पैच की शिकायत, लागत 90 करोड़

सुनोहब डेस्क

रोड अंडरपास और सुरंग जैसी लाइट का ग्राफिक – प्रतीकात्मक चित्र

क्या हुआ: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक पर 700 मीटर अंडरपास तीन दिन के ट्रायल के लिए खुला; पहले 5 घंटे में करीब 14,000 वाहन
कब: गुरुवार, 5 नवंबर 2026 (सुबह 6–11 बजे का आंकड़ा); रिपोर्ट 6 नवंबर
कहां: गौर चौक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट / नोएडा एक्सटेंशन; ताज हाईवे
आपके लिए मतलब: जाम कम होने की उम्मीद, लेकिन दोनों कैरिजवे पर ऊबड़-खाबड़ पैच की शिकायत; औपचारिक शिकायत अभी नहीं
क्या करें: ट्रायल के दौरान सावधानी से चलाएं; समस्या हो तो अथॉरिटी/GM से संपर्क करें

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और बिसरख की तरफ जाने वाले हजारों वाहन अब गौर चौक के व्यस्त गोल चक्कर से बच सकते हैं। Times of India के अनुसार ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने गौर चौक का 700 मीटर लंबा अंडरपास तीन दिन के ट्रायल के लिए खोल दिया। गुरुवार सुबह 6 से 11 बजे तक करीब 14,000 वाहनों ने इसे इस्तेमाल किया। ताज हाईवे के इस हिस्से से रोज करीब 50,000 वाहन गुजरते हैं।

राहत के साथ ऊबड़-खाबड़ पैच

फूड डिलीवरी करने वाले आकाश कुमार ने TOI से कहा कि पहले इस चौराहे पर रोज 2–3 घंटे जाम में कट जाते थे, अब सफर आसान लगा। गौर सिटी निवासी अमरजीत राठौर ने बताया कि अंडरपास पार करने में करीब 5 मिनट लगे, लेकिन बिसरख/डी-मार्ट वाली तरफ कुछ हिस्से ऊबड़-खाबड़ लगे।

नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान ने भी ऊबड़-खाबड़ पैच का जिक्र किया और अथॉरिटी से सुधार की मांग की। अथॉरिटी का कहना है कि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई।

90 करोड़, 10 महीने की देरी

TOI रिपोर्ट के मुताबिक प्रोजेक्ट की लागत करीब 90 करोड़ रुपये है। जुलाई 2024 में काम शुरू हुआ था, शुरुआती डेडलाइन 18 महीने की थी, लेकिन करीब 10 महीने की देरी हुई। सुबह-शाम पीक आवर में ट्रैफिक न टूटे इसलिए काम को टुकड़ों में करना पड़ा; सर्दियों में CAQM के GRAP निर्माण प्रतिबंधों ने भी रफ्तार घटाई। गौर चौक के पास दो यू-टर्न भी बने हैं।

जनरल मैनेजर ए.के. सिंह ने कहा कि ट्रायल के दौरान ट्रैफिक की लगातार निगरानी हो रही है और रिपोर्ट हुई किसी भी समस्या का निपटारा किया जाएगा। यह लोकल इन्फ्रा अपडेट मुख्य रूप से TOI की रिपोर्ट पर आधारित है; ट्रायल खत्म होने और फिक्सिंग के बाद ही लंबे समय का असर साफ होगा।

अंडरपास कितना लंबा है?

करीब 700 मीटर।

ट्रायल कब खुला?

गुरुवार को तीन दिन के ट्रायल के लिए खोला गया; पहले 5 घंटे में ~14,000 वाहन।

लागत और देरी कितनी?

करीब 90 करोड़ रुपये; करीब 10 महीने की देरी के बाद ट्रायल।

शिकायतें क्या हैं?

दोनों कैरिजवे पर ऊबड़-खाबड़ पैच—खासकर बिसरख/डी-मार्ट साइड; अथॉरिटी कहती है औपचारिक शिकायत अभी नहीं।

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स्रोत

By SunoHub News

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