क्या हुआ: दिल्ली से गुवाहाटी तक करीब 1,557 किमी लंबे उत्तरी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को प्रधानमंत्री की मंज़ूरी; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रूट और सफर का समय बताया
कब: घोषणा 31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को वाराणसी में; रूट और स्टेशनों का ब्योरा 5 नवंबर तक सामने आया
कहां: दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा, जेवर, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना, सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी
आपके लिए मतलब: पूर्वी दिल्ली और नोएडा के करीब बनने वाले स्टेशन से आगरा 59 मिनट, लखनऊ सवा दो घंटे और पटना करीब पौने पांच घंटे में; किराया हवाई टिकट से कम रखने का दावा
क्या करें: अभी DPR और हवाई सर्वे का काम चल रहा है; टिकट, तारीख या ज़मीन से जुड़े किसी भी ऑफर या दलाल के झांसे में न आएं, सिर्फ़ रेल मंत्रालय/NHSRCL की आधिकारिक जानकारी मानें
मुंबई-अहमदाबाद के बाद अब देश का अगला बड़ा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट सीधे दिल्ली से शुरू होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी में वंदे भारत स्लीपर को हरी झंडी दिखाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंज़ूरी दे दी है। NDTV इंडिया के मुताबिक यह रूट करीब 1,557 किलोमीटर का होगा, यानी मुंबई-अहमदाबाद (508 किमी) से तीन गुना से भी लंबा।
सराय काले खां से शुरुआत, पूर्वी दिल्ली को सीधा फायदा
Indian Infrastructure की रिपोर्ट के अनुसार रेल मंत्रालय ने दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट को गुवाहाटी तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी है। दिल्ली-वाराणसी हिस्सा करीब 756 किमी का है, जो सराय काले खां से नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होकर गुज़रेगा।
सराय काले खां पहले ही नमो भारत, ISBT और निज़ामुद्दीन स्टेशन का बड़ा हब है। मयूर विहार, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर और शाहदरा जैसे इलाकों से यहां पहुंचना आसान है, इसलिए यमुनापार के लाखों लोगों के लिए यह स्टेशन घर के सबसे नज़दीक होगा। नोएडा और जेवर एयरपोर्ट का स्टॉप भी NCR के यात्रियों के काम आएगा।
कितने घंटे में कहां
India Today और Moneycontrol ने रेल मंत्री के हवाले से जो समय बताया है, वह इस तरह है: दिल्ली से आगरा 59 मिनट, कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट और वाराणसी करीब साढ़े तीन घंटे। वाराणसी से पटना करीब एक घंटा लगेगा। पूरा रूट बनने के बाद दिल्ली से गुवाहाटी आठ घंटे से कम में पहुंचने का अनुमान है, जबकि अभी सुपरफास्ट ट्रेन से 25 से 40 घंटे लगते हैं। वैष्णव ने कहा कि ट्रेनें हर घंटे चलेंगी और किराया हवाई टिकट से कम रखा जाएगा।
तीन चरणों में काम, अभी शुरुआती दौर
प्रोजेक्ट तीन हिस्सों में बनेगा—दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी और सिलीगुड़ी से गुवाहाटी। NDTV के मुताबिक NHSRCL अलग-अलग चरणों की DPR और हवाई सर्वे करा रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने X पर बताया कि कॉरिडोर पहले सिलीगुड़ी तक ही था, उनके अनुरोध के बाद इसे गुवाहाटी तक बढ़ाया गया।
ध्यान रहे, अभी लागत, ज़मीन अधिग्रहण और पूरा होने की तारीख आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुई है। स्टेशनों की अंतिम सूची भी DPR के बाद ही पक्की होगी।
दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कहां से चलेगी?
दिल्ली में इसका शुरुआती स्टेशन सराय काले खां प्रस्तावित है, इसके बाद नोएडा और जेवर।
दिल्ली से लखनऊ कितने समय में पहुंचेंगे?
रेल मंत्री के मुताबिक करीब 2 घंटे 12 मिनट में।
यह बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?
अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है; DPR और सर्वे का काम चल रहा है।
किराया कितना होगा?
रेल मंत्री ने कहा है कि किराया हवाई टिकट से कम होगा, पर सटीक किराया तय नहीं हुआ।
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By SunoHub News





